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Golden Triangle Food Festival, Novotel

The Golden Triangle trip is a must do with foreigners – the cities of Delhi, Agra and Jaipur have so much to offer in terms of culture and food – that there are very few people who don’t have this on their wishlist. noch 314 Wörter

Delhi

27 great holiday ideas

Around this time of year my thoughts turn to travel and getting out of the humidity of Delhi.  I don’t mind the dry heat in May and June, but I find the humidity tough going. noch 1.025 Wörter

Exploring India

ताज महल पर रूमाल रख दिया है हमने

हम ताज महल घूम कर आये ,मन प्रसन्न हो गया हमारा. इतनी खूबसूरत चीज़ इंसान ने बना दी यकीन ही नहीं आता. हमें तो खैर भगवान् ने बनाया है और ताज का कहाँ ठहरा कम्पटीशन हमसे. जब हम नयी बुशर्ट पहन कर मेले में जाते थे तो आस पास के तीन गाँव में हमारे चर्चे होते थे, लडकियां ऐसे झर झर गिरती थी जैसा पका हुआ आम , वो भी क्या दिन थे.

हम हर दिन गला फाड़ के चिल्लाते हैं कि हमारे देश के इतिहास को फिर से लिखने की जरुरत है.सिर्फ मुग़लों का बखान करता हमारा इतिहास कितना एंटी- हिन्दू है.हिन्दू राजाओं को दरकिनार कर हमें गलत इतिहास सिखाया गया है. खैर हम ताज देखे तो एक ही बात दिमाग में भक्क से आयी कि अगर ई मुग़ल लोग इतने सुन्दर स्मारक नहीं बनाते तो कितना खाली हो जाता हमारा देस. ताज तो पहचान है हमारे देश की.लाल किला नहीं होता तो हम झंडा कहाँ फहराते, फिर तो राष्ट्रपति भवन ही रह जाता. और हर 15 अगस्त के दिन राष्ट्रपति कहते. “एक तो साला हम झंडा नहीं फहराते, ऊपर से सारा आयोजन हमारे घर पे. सबका चाय नाश्ता का इंतज़ाम भी करो फिर कोई प्राइवेसी नाम की चीज़ भी होती है कि नहीं .“

पुराना किला न होता तो सिर्फ 10 रूपये के टिकट पर प्रेमी जोड़ों का प्यार परवान कैसे चढ़ता. तुम्हें पता भी है कि  CCD नाम की जगह में 100 रूपये की कॉफ़ी मिलती है. हमारे ज़माने में जब किसी लड़के के ब्याह के बाद कोई मड़ई में 100 रूपये चढ़ा देता था तो पूरे 10 गाँव में हल्ला होता था. क़ुतुब में पहले मंदिर था या मस्जिद, ये डिबेट को परे रखिये, पहले ऐसा लौह स्तम्भ तो बना लो जिसमें जंग न लगे. लोधी गार्डन न बना होता तो पूरी की पूरी साउथ दिल्ली जॉगिंग के लिए कहाँ जाती भला. और ताज के तो क्या ही कहने, आपको अपनी बगल वाली से बाद में प्यार होगा, ताज से पहले हो जायेगा. ज़रा कश्मीर तो होकर आइये , मुग़ल गार्डन और शालीमार गार्डन में ही तो जन्नत की खुरचन बची हुई है, बाकी कुछ तो हम और आप नॉन- मुग़ल ने कोई कसर नहीं छोड़ी उस जन्नत को दोजख बनाने में.

पर ज़रा फ़र्ज़ करिये अगर हम अड़ ही गये और सभी निशां मिटाने की सोच ही लिया तो क्या होगा. हमने पढ़ा था कि जब स्तूपों की खोज हुई तो अंग्रेजों ने उन सभी को उखड़वा के अपने घरों में गेट बना के लगवा लिया  , तो अभी से बता देते हैं कि अगर ऐसा कुछ करने का मन हो तो  त्ताज महल उखाड़ के हमें दे देना. देना हमें ही, रुमाल हमने रख दिया है.ताज महल में शिफ्ट हो जायें तो बुढ़ापा आराम से कट जायेगा .और हम भी पूरी अकड़ से कहेंगे

गर फिरदौस बर रूये ज़मी अस्त/ हमी अस्तो हमी अस्तो हमी अस्त“ (धरती पर अगर कहीं स्वर्ग है, तो यहीं है, यहीं है, यही हैं).

Travel

The North India chronicles, part 1: Lust

It didn’t feel right but I trusted the driver anyway, figuring he takes people to the train station all the time. The ticket didn’t really help, apparently there’s two stations with similar names and there was no address. noch 2.316 Wörter

Home

Cherry on The Chocolate Cake

This past weekend Wandering Soul and Ms. Sassy (of Sass and Sauce) spent a fun-filled day in Agra. It was her first visit to the ‚City of Taj‘ and one after ten years for me. noch 265 Wörter

Travel

Agra - India

After our full day of touring in Delhi, it was time to head out with our driver Karan Singh.  We were picked up at our hotel and headed out for the 4 hour drive (approximately 242 km) to Agra.  noch 626 Wörter

India

India Day 4: Drive to Agra & First Glimpse of the Taj Mahal

This morning, I woke up feeling really disappointed that we were leaving Delhi. It had been an awesome couple of days exploring the city (check out my recap of our final day in Delhi… noch 612 Wörter

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